श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर
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श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर: ग्वालियर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव शिवलिंग रूप में विराजमान है. सैकड़ों वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर की बड़ी ही रोचक कहानी है. मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी सच्चे मन से भगवान शिव का वंदन करता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है. मंदिर के प्रधान पुजारी छोटेलाल शुक्ला ने बताया वर्तमान में मंदिर का निर्माण चल रहा है, लेकिन मंदिर में स्थापित शिवलिंग काफी प्राचीन है. उन्होंने बताया कि जिस जगह आज मंदिर है, वहां कभी एक वट वृक्ष हुआ करता था. जब तत्कालीन सिंधिया महाराज की सवारी महल से निकलकर गोरखी के लिए जाती थी, तो वट वृक्ष के चलते कई बार परेशानी भी होती थी.
महाराज ने उस वृक्ष को कटवा दिया. वृक्ष के कटते ही वहां से एक शिवलिंग नजर आया. जिसको महाराज ने श्रद्धा पूर्वक मार्ग से हटाकर अन्य स्थान पर विराजमान करने का विचार व्यक्त किया. इस पर सभी ने सहमति जताई और शिवलिंग को अन्य स्थान पर स्थापित करने के लिए उक्त स्थान की खुदाई शुरू कर दी. काफी समय बाद खुदाई करते करते शिवलिंग का अंत छोर नजर नहीं आया. यही नहीं, जमीन से काफी मात्रा में पानी आना शुरू हो गया, लेकिन शिवलिंग का दूसरा छोर नहीं दिखा.
महाराज के मजदूर विफल रहे तो…
मंदिर के प्रधान पुजारी छोटेलाल शुक्ला के मुताबिक, जब महाराज के मजदूर विफल रहे तो उन्होंने हाथियों की जरिए शिवलिंग को खिंचवाने का पुरजोर प्रयास किया, लेकिन इसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली. जिन जंजीरों के माध्यम से शिवलिंग को बांधकर हाथियों से खिंचवाने का प्रयास किया गया था. उनके निशान आज भी शिवलिंग पर देखे जा सकते हैं. इसी दौरान एक बार रात्रि में भगवान शिव ने स्वयं राजा को स्वप्न में आकर कहा मैं जहां पर हूं मुझे वही रहने दो मुझे परेशान करोगे तो अच्छा नहीं होगा.जिसके बाद राजा द्वारा शिवलिंग को निकालने की किए जा रहे सभी प्रयासों को बंद कर दिया गया. साथ ही उक्त स्थान पर एक मंदिर का निर्माण भी करवाया जिसे आज अचलेश्वर के नाम से जाना जाता है.
भक्तों की होती है मुराद पूरी
पुजारी जी ने बताया कि प्राचीन मंदिर को हटाकर अब यहां नए मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव अपने परिवार के साथ विराजमान हैं. इस मंदिर की विशेषता यह है यहां पर सच्चे मन से वंदना करने पर आपकी मुराद जरूर पूरी होती है. इतना ही नहीं यहां दूर-दूर से लोग आते हैं. विशेषकर सोमवार को यहां बेलपत्र व दूध से भक्त आकर स्वयं अभिषेक करते हैं. साथ ही तिलक चंदन का श्रृंगार करते हैं.
इस तरह पहुंचे भगवान शिव के दर्शन के लिए
भगवान शिव का यह मंदिर शहर में ख्याति प्राप्त है. यहां आप बस स्टैंड रेलवे स्टेशन से ऑटो, टैक्सी या रिक्शा के माध्यम से 20 से 30 मिनट में पहुंच सकते हैं. यह मंदिर एमएलबी कॉलेज के समीप स्थित है.यदि आप अपने वाहन से भी आना चाहते हैं तो सीधे मंदिर तक सड़क मार्ग द्वारा पहुंच सकते हैं.
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